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हजारों भक्तों का जीवांत तीर्थ कटनी के धरती पर कैलाश

संजय सतेन्द्र पाठक के मार्ग दर्शन एवं ग्रोवर परिवार के पुन्य का उदय

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ग्रोवर परिवार की तपस्या संजय सत्येंद्र पाठक का मार्गदर्शन और जन-जन की श्रद्धा से सजेगा महाशिवरात्रि का महासंगम

कटनी विजयराघवगढ़ कुछ स्थान केवल मंदिर नहीं होते वे भावनाओं के तीर्थ होते हैं। जहाँ पत्थर नहीं आस्था बोलती है जहाँ दीप नहीं विश्वास जलता है और जहाँ हर सांस में केवल एक ही स्वर गूंजता है हर हर महादेव विजयराघवगढ़ सलैया–पड़खुरी क्षेत्र में स्थित निलकंठेश्वर धाम ऐसा ही एक दिव्य स्थल है जो आज विजयराघवगढ़ की पहचान ही नहीं बल्कि हजारों श्रद्धालुओं की आत्मा का सहारा बन चुका है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर यह धाम एक बार फिर श्रद्धा भक्ति और अध्यात्म के महासागर में परिवर्तित होने जा रहा है।एक भक्त, एक संकल्प और जन्म हुआ आस्था के तीर्थ का इस दिव्य धाम के पीछे कोई साधारण कहानी नहीं बल्कि भगवान शिव के अनन्य भक्त मदनलाल ग्रोवर की तपस्या की गाथा है। उन्होंने अपने जीवन को भोलेनाथ के चरणों में अर्पित कर दिया। न धन की लालसा न यश की इच्छा बस एक ही भाव भोलेनाथ की सेवा ही मेरा जीवन है।बसयउसी अखंड आस्था से निलकंठेश्वर धाम का जन्म हुआ। आज जब श्रद्धालु यहाँ शीश नवाते हैं तो उन्हें केवल मंदिर नहीं दिखता उन्हें एक तपस्वी की भावना भी महसूस होती है। जहाँ सेवा विरासत बन गई बाबू ग्रोवर और रुद्राक्ष ग्रोवर की साधना मान ले वह धाम कैसे न बनता मदनलाल ग्रोवर की यह पवित्र ज्योति आज उनके सुपुत्र बाबू ग्रोवर और रुद्राक्ष ग्रोवर आगे बढ़ा रहे हैं।

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उनके लिए यह आयोजन केवल जिम्मेदारी नहीं यह पिता की साधना को जीवित रखने का संकल्प है।दिन-रात की सेवा श्रद्धालुओं की सुविधा संतों का सम्मान और हर आगंतुक के चेहरे पर संतोष यही उनकी साधना है।भक्तो का कहना हैं ग्रोवर परिवार ने मंदिर नहीं बनाया उन्होंने आस्था को आकार दिया है।इस पवित्र आयोजन को गरिमा और दिशा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक जिनका नाता इस धाम से केवल औपचारिक नहीं बल्कि आस्था और आत्मिक जुड़ाव का है।क्षेत्र के धार्मिक स्थलों के संरक्षण संस्कृति के संवर्धन और परंपरा के सम्मान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सर्वविदित है। श्रद्धालुओं का कहना है जब जनसेवक भी शिवभक्त हो तब आयोजन केवल कार्यक्रम नहीं पर्व बन जाता है। उनके मार्गदर्शन में निलकंठेश्वर धाम का यह आयोजन हर वर्ष और अधिक दिव्य और अधिक भव्य बनता जा रहा है *महाशिवरात्रि की रात्रिजब धरती पर उतरेगा कैलाश* महाशिवरात्रि के अवसर पर दो दिवसीय भव्य आयोजन में अखंड पाठ की पूर्णाहुति रुद्राभिषेक शिव महिमा गान भव्य झांकियां शिव बारात विशाल भंडारा आस्था के अनुपम दृश्य रचेंगे।इस बार भक्तिरस को और गहन बनाएंगे प्रसिद्ध भजन गायक हेमंत ब्रजवासी (मथुरा) जिनकी आवाज़ में जब शिव भजन गूंजेंगे तो आंखें नम और हृदय शिवमय हो उठेंगे। जहाँ एक ही परिसर में मिलते हैं 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन निलकंठेश्वर धाम की विशेषता यह है कि यहां

श्रीगणेश हनुमान जी श्रीराम दरबार सहित 12 ज्योतिर्लिंगों के प्रतीक मंदिर स्थापित हैं।जो दर्शन देशभर में भटक कर मिलते हैं वे निलकंठेश्वर धाम में एक ही आंगन में मिल जाते हैं।जब गूंजेगा हर हर महादेव तब थम जाएगा समय महाशिवरात्रि की रात्रि हजारों दीपों की रोशनी हजारों कंठों से उठता जयघोष और धुएं में घुलती धूप की सुगंध उस पल ऐसा लगेगा मानो कैलाश स्वयं धरती पर उतर आया हो। निलकंठेश्वर धाम आज केवल मंदिर नहीं

यह है ग्रोवर परिवार की तपस्या की विरासत संजय सत्येंद्र पाठक का सांस्कृतिक संकल्प और हजारों भक्तों की आस्था का जीवंत तीर्थ ही नहीं बल्कि कटनी की धरती पर साक्षात कैलाश है

कटनी ब्यूरो चीफ

सुरेन्द्र कुमार शर्मा

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